#१३२६ बैचेन सी है यह राहे! मुश्किल सी है यह अंजानी निगाहे!! इन सर्द…
- Posted
- 2023-07-10
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#१३२६ बैचेन सी है यह राहे! मुश्किल सी है यह अंजानी निगाहे!! इन सर्द निगाहोमे वैसे सजाके रखे है बूनकर ख्वाब कई! चलता चल अपनी इसी राह पर, बेईंतीहा खुबसुरत है मंजिल वही, बताते रहते है कई परिंदे यही!! #१०:०७:२०२३::०१:१०:am
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