Sanket Tambare

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#१३२७ मंजिषे तो है कई, चाहते भी है कई! ए नादान ए चांद, उन मासूम से …

Posted
2023-07-16
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#१३२७ मंजिषे तो है कई, चाहते भी है कई! ए नादान ए चांद, उन मासूम से खुबसुरत पलो का पता तो बता दो जरा! तुम्हे तो दिखते होंगे ना वह, क्या उन हसीन बंदिशोने इस कारवा को हमतक ना पहुचाने का वादा लिया है तुमसे? #१६:०७:२०२३::०१:०७:am

Tags: #love, #nightsky