Sanket Tambare

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#१३४९ शहर शहर की यह बात है, कुछ है अंजान कुछ हमनवां यहां, सन्नाटो भ…

Posted
2025-10-15
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#१३४९ शहर शहर की यह बात है, कुछ है अंजान कुछ हमनवां यहां, सन्नाटो भरे दिनों के बाद, उजालों से परे एक रात है जहां! अंजानी राहों पर होती रहती है मशक्कतें, कुछ अंजान लोगों के संग़ अब! एक जस्बा है भीतरका यहां, जिसने जोड़के रखा है इस बिखरे हुए जिन्दगी को जब! #शहर #१५:११:२०२५::१०:२८:pm

Tags: #life