#इश्क़ ए कैसी चाहते है, हम समझ नहीं पा रहे। ए कैसी ख्वाहिशें है, हम…
- Posted
- 2019-04-26
- Type
- quote
#इश्क़ ए कैसी चाहते है, हम समझ नहीं पा रहे। ए कैसी ख्वाहिशें है, हम समझ नहीं पा रहे। ए कैसी कश्मकश है, हम समझ नहीं पा रहे। बातें हुई बहुत अब, यादें हुई बहुत अब, अब थोड़ा रूबरू हो लिया जाए। ख्वाबों में तो बहुत घुम लिया, इश्क़ की इन गलियोंमें। अब थोड़ा सचमे रूबरू हो लिया जाए… चेहरे तो है सामने कई मगर, पर अब तक वह चांद सा मासूम चेहरा हम धुंड ना पाए। सवाल तो दिखते है उन अंजानी आंखोमें आजकल, पर जवाब भरी आखें नहीं मिली आज तक कोई। बहुत सुने है किस्से इन प्यार भरें गलियोके आज तक, पर पता नहीं यह कभी आयेंगे असलियत में जम्मी पर। इंतजार का क्या है, यह तो ऐसे है चलता रहेगा, पर हसीन मंज़िलोमें तो यह ऐसेही कट जाएगा। ~संकेत #२६:४:२०१९::५:१७:am संकेत