बिन लब्जो की कश्मकश मे, इन आखो आखो की इशारो मे | उन हसीन लम्हो मे, …
- Posted
- 2019-09-05
- Type
- photo
बिन लब्जो की कश्मकश मे, इन आखो आखो की इशारो मे | उन हसीन लम्हो मे, इन मेहकी मेहकी खुशबूओमे | प्यारभरी ऊन झपकियोमे, खूबसूरत सपनो की उन लम्हो मे | बैठे थे दोन लोक, अंजानी जगहो पर सपनो की उसी दुनिया मे | मन मे लिये, वह बाते, वह लम्हे, कोई न जाने || #इश्क #सपना #५:९:२०१९::१०:२४:pm